100+ रोगों का प्राकृतिक समाधान
बिना साइड इफेक्ट | शुद्ध आयुर्वेद
अष्टांग हृदय आयुर्वेद का वह अनमोल खजाना है, जिसमें मानव जीवन के स्वास्थ्य, रोग-निवारण और दीर्घायु के लिए सम्पूर्ण मार्गदर्शन समाहित है। यह ग्रंथ शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को बनाए रखने के आठ महत्वपूर्ण अंगों (अष्टांग) के ज्ञान से परिपूर्ण है।
अब आप इस महान ग्रंथ की PDF आसानी से डाउनलोड करके आयुर्वेद के शाश्वत सिद्धांतों का लाभ अपने जीवन में उठा सकते हैं।
स्वास्थ्य, ज्ञान और जीवन सुधार का यह अमूल्य अवसर न चूकें!
अष्टांगदय आयुर्वेद का एक प्रसिद्ध ग्रंथ है, जिसकी रचना महर्षि वाग्भट्ट ने की थी।
इसमें आयुर्वेद के आठ अंगों (Ashtanga Ayurveda) का सरल, वैज्ञानिक और व्यावहारिक वर्णन मिलता है।
यह ग्रंथ अष्टांगहृदय और चरक संहिता का सार माना जाता है।
ज्वर, पाचन, मधुमेह, त्वचा रोग, गैस, कमजोरी आदि का उपचार
शल्य चिकित्सा –
ऑपरेशन, घाव, फोड़ा, बवासीर, भगंदर
शालाक्य तंत्र –
आँख, नाक, कान, गला, दांत के रोग
कौमारभृत्य –
बच्चों की देखभाल, रोग व पोषण
अगद तंत्र –
विष, जहर, फूड पॉइजनिंग का इलाज
भूत विद्या –
मानसिक रोग, तनाव, अनिद्रा, डर
रसायन तंत्र –
दीर्घायु, जवानी, इम्युनिटी बढ़ाना
वाजीकरण तंत्र –
शक्ति, वीर्य, यौन स्वास्थ्य
✔ रोगों के कारण
✔ लक्षणों की पहचान
✔ आयुर्वेदिक औषधियाँ
✔ घरेलू नुस्खे
✔ दिनचर्या व ऋतुचर्या
✔ वात-पित्त-कफ संतुलन
✔ जीवनशैली सुधार
✔ डॉक्टर के पास बार-बार जाने की जरूरत नहीं
✔ आयुर्वेदिक इलाज घर बैठे
✔ पुराने रोगों में भी असरदार
✔ शुद्ध भारतीय ज्ञान
✔ हजारों सालों से प्रमाणित
✅ वात, पित्त, कफ क्या है
✅ शरीर की प्रकृति कैसे पहचानें
✅ हर बीमारी का आयुर्वेदिक उपचार
✅ जड़ी-बूटियों का सही उपयोग
✅ दिनचर्या व आहार नियम
Copyright © 2026 gmlearninghub
Privacy Policy | Terms and Conditions | Refund Policy | Contact Us
This site is not a part of the Facebook™ website or Facebook™ Inc. Additionally, this site is not endorsed by Facebook™ in any way. FACEBOOK™ is a trademark of FACEBOOK™ Inc.
The Ayurvedic remedies and information provided in these eBooks are for educational purposes only and should not replace professional medical advice or treatment. We make no guarantees regarding health results, as outcomes may vary for each individual. Our goal is to spread awareness about Ayurveda and promote natural living. Thank you for visiting.